चंडीगढ़, 21 अक्टूबर। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि शिक्षा मनुष्य के व्यक्तित्व को निखारती है तथा हमें अपने संस्कारों को जीवंत रखते हुए नई तकनीक को साथ लेकर आगे बढ़ना है। युवा देश का भविष्य है, हमारा देश युवा भारत है, युवाओं में शक्ति का संचार आत्यधिक हो, आवश्यकता है साकारात्मक कार्यों में युवाओं की शक्ति लगे ताकि देश के नव निर्माण में युवा अपना योगदान दे सके।
ऊर्जा मंत्री अनिल विज आज कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूथ एंड कल्चर अफेयरर्स विभाग द्वारा जीएमएन कालेज अम्बाला छावनी में आयोजित 49वें यूथ फेस्टिवल कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे और यह अभिव्यक्ति उन्होंने अपने सम्बोधन में कही। इस मौके पर उन्होंने कालेज प्रबंधन को गतिविधियों के लिए 31 लाख रूपए अपने स्वैच्छिक कोष से देने की घोषणा भी की।
ऊर्जा मंत्री विज ने इस मौके पर जीएमएन कालेज की प्रबंधक कमेटी द्वारा किए जा रहे कार्यों एवं गतिविधियों की सराहना की, साथ ही कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूथ एंड कल्चर अफेयरर्स विभाग द्वारा यहां पर यूथ फेस्टिवल के आयोजन करवाने की सराहना करते हुए कहा कि यहां पर प्रतिभागियों को अपनी प्रतिभा निखारने का बेहतर मंच मिला है, जिसमें कोई गीत, कोई नृत्य, कोई काव्य, कोई नाटक व संदेश के माध्यम से अपनी बेहतर प्रस्तुति देने के लिए प्रोत्साहित है। उन्होंने कहा कि यहां पर विद्यार्थियों द्वारा जो प्रस्तुतियां दी जाएंगी उसके लिए काफी अभ्यास किया है क्योंकि आगे निकलने की इच्छा रखना, व्यक्ति को कईं अड़चनों से आगे निकलने के लिए भी उत्साह के साथ-साथ प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति में कोई न कोई कला छिपी होती है, उन्होंने कहा “सफलता दो चीजों का मेल है: एक है क्षमता और दूसरा है अवसर। उन्होंने कहा कि अवसर तो इस मंच के माध्यम से विद्यार्थियों को दिया गया है, मौका है अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करके उसे सिद्ध करना।
प्रतिस्पर्धा में आगे निकलने के लिए अभ्यास जरूरी – विज
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि संसार की हर राह में प्रतिस्पर्धा है, यह संसार ही प्रतिस्पर्धा है, प्रतिस्पर्धा में आगे निकलने के लिए अभ्यास बेहद जरूरी है, बार-बार अभ्यास करने से न केवल अपनी कला निखरती है बल्कि मनुष्य का व्यक्तित्व भी निखरता है और वह जीवन में आगे बढऩे लिए प्रोत्साहित होता है। उन्होंने कहा कि जब कोई भी कलाकार बेहतरीन मूर्ति बनाता है तो उसके पीछे उसका अभ्यास होता है, उसकी प्रतिभा होती है। इसी प्रकार, जब भी कोई कवि बेहतरीन कविता लिखता है तो उसके पीछे उसकी एकाग्रता होती है। आज यहां पर जो विद्यार्थी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे, उसके पीछे उनकी एकाग्रता होगी। एकाग्रता जीवन का अमूल्य बैंक है। एकाग्रता से विचार किया जाए तो हर मुश्किल रास्ता निकल जाता है।
प्रतिस्पर्धा में हिस्सा लेना महत्वपूर्ण – विज
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने इस अवसर पर यह भी कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में जीतना व हारना महत्वपूर्ण नहीं होता बल्कि उसमें हिस्सा लेना अहम होता है। जीतने वाले को कभी भी अहंकार नहीं करना चाहिए और हारने वाले को कभी हार नहीं माननी चाहिए। किंग ब्रोस का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कभी भी यदि हम जीवन में किसी प्रतियोगिता में हार जाएं तो वह हमें जीवन में चैलेंज देता है और परिश्रम एवं अभ्यास करने से वह हार विजय में परिवर्तित हो जाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा वास्तव में इंसान को इंसान बनाती है। हमारा देश युवा भारत है, युवाओं में शक्ति का संचार आत्यधिक हो, आवश्यकता है साकारात्मक कार्यों में युवाओं की शक्ति लगे ताकि देश के नव निर्माण में युवा अपना योगदान दे सके।
युवाओं की शक्ति ही देश का सबसे बड़ा ‘पावर हाउस’ – ऊर्जा मंत्री
ऊर्जा मंत्री ने इस मौके पर यह भी कहा कि हरियाणा खेलों के नाम से, सीमा पर खडे जवानों के नाम से, बंजर भूमि उपजाऊ बनाकर अपनी ताकत से पैदावार करने से जाना जाता है। ऐसे प्रदेश में यदि युवाओं के रास्ते खोल दिए जाएं, चाहे वह यूथ फैस्टिवल का मंच हो, क्रिकेट का, फुटबाल का मैदान हो, हॉकी का मैदान हो, बैडमिंटन या अन्य क्षेत्र जो हो, उसमंक युवाओं की जो शक्ति होती है, वह पावर हाउस होती है और इतनी शक्तिशाली होती है कि देश के सामने यदि कोई बड़ी से बड़ी कोई परिस्थिति हो, उसका मुकाबला करने में सक्षम होती है। मकसद यही है कि युवाओं की जो शक्ति है वह साकारात्मक कार्यों में लगनी चाहिए।
“संस्कृति से जुड़कर ही आगे बढ़े युवा – विज
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा कि शिक्षा पद्धति के नाम पर हमारे साथ छल हुआ है, हमसे संस्कृत और अरबी छीन ली थी। सन 1835 में लार्ड मैकाले भारत भ्रमण पर आए थे और यहां पर भ्रमण दौरान पाया था कि यहां पर कोई भी भूखा व भिखारी नहीं है। उन्होंने इंग्लैण्ड में जाकर कहा था कि भारत की संस्कृति को जब तक तोड़ा नहीं जा सकता, तब तक इस पर शासन नहीं किया जा सकता। भाषाओं का ज्ञान होना गल्त नहीं है। उन्होने चीन, इजराइल, लंदन, रूस, फ्रांस व अन्य देशों का उदाहरण दिया और कहा कि हमें अपने संस्कारों व संस्कृति से जुडक़र आगे बढ़ना है, मंचों पर भी अपनी संस्कृति को प्रदर्शित करना है। हमें अपने मां-बाप के चरणों एवं गुरूओं को चरणों को स्पर्श करना चाहिए। हमें उनसे बहुत कुछ मिलता है। स्वयं का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने एसडी कालेज से शिक्षा ग्रहण की है और जब भी उन्हें अपने स्कूल या कालेज का कोई प्रोफैसर या टीचर मिलता है तो वह उन्हें चरण स्पर्श करते है, यह संस्कार उन्हें अपने परिवार से मिले हैं। उन्होने कहा कि आज एआई का युग है, प्रतिस्पर्धा के इस युग में हमें आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढऩा है।
कालेज प्रबंधन समिति के कार्यों की मंत्री अनिल विज ने सराहना की
ऊर्जा मंत्री विज ने इस मौके पर जीएमएन कालेज मैनेजमेंट कमेटी के कार्यों की सराहना की और जीएमएन कालेज व एसडी कालेज को शिक्षा के क्षेत्र में हरियाणा का अव्वल कालेज बताते हुए कहा कि यह दोनों कालेज शिक्षा के क्षेत्र के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में आगे बढक़र विद्यार्थियों का सर्वागींण विकास करने मे अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होने कहा कि प्रदेश में 2014 से पहले 105 कालेज हुआ करते थे। भाजपा सरकार ने इन कालेजों की संख्या बढ़ाकर 185 कर दी है। जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए फीस में रियायत दी गई है। उन्होंने कहा प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कार्यों में निरतंरता में कार्य किए जा रहे है ताकि शिक्षा के क्षेत्र में कोई दिक्कत न आए।
उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने का जो संकल्प लिया है, उस संकल्प के लिए हम सबको मिलकर कार्य करना है। सबकी सामुहिक जिम्मेवारी बनती है कि हमें इस संकल्प को पूरा करना है। उन्होंने विद्यार्थियों को कहा कि यही उम्र होती है जब हम किसी के लिए कुछ सोचकर कार्य कर सकते हैं। उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि जब वह युवा थे तो उन्होंने कल्याण भारती संस्था के साथ जुडक़र समाजसेवा के लिए कार्य शुरू कर दिए।
इस मौके पर वशिष्ठ अतिथि कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय यूथ एंड कल्चर अफेयरर्स विभाग के निदेशक डा. विवेक चावला ने मुख्य अतिथि व अन्य का यहां पहुंचने पर स्वागत किया। इस अवसर पर जीएमएन कालेज प्रबंधक कमेटी के प्रधान डा. गुरदेव सिंह व प्रधानाचार्य डा. रोहित दत्त ने मुख्य अतिथि के साथ-साथ वशिष्ठ अतिथि का यहां पर स्वागत करते हुए कालेज की गतिविधियों एवं अन्य कार्यों बारे विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर प्रबंधक कमेटी के पदाधिकारियों ने मुख्य अतिथि को शॉल व स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका भव्य अभिनंदन भी किया।
इस अवसर पर यूथ एंड कल्चर अफेयरर्स विभाग के निदेशक डा. विवेक चावला, जीएमएन कालेज प्रबंधक कमेटी से डा. गुरदेव सिंह, जसवंत जैन, जरनल सैक्रटरी अजय अग्रवाल, सैक्रेटरी डी.एस माथुर, कोषाध्यक्ष आलोक गुप्ता, सदस्य संजीव वालिया, सदस्य दलीप मित्तल, प्रधानाचार्य डा रोहित दत्त, एसडी कालेज से डा. राजेन्द्र राणा, प्रो. भारती, डा. नवीन गुलाटी, भाजपा पदाधिकारी विकास बहगल, परवेश शर्मा, दीपक भसीन के साथ-साथ विभिन्न कालेजों के प्रधानाचार्य व कुरूक्षेत्र विश्वविद्यालय से प्रोफेसर व अन्य मौजूद रहे।

