चंडीगढ़, 31 अक्तूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आज लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए प्रदेशवासियों से विकसित हरियाणा के साथ-साथ सशक्त और एकजुट भारत के निर्माण में अपना योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से अपील की कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी संदेश को आगे साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें तथा अफवाहों और भेदभाव को बढ़ावा देने वाली बातों से बचें। उन्होंने कहा कि युवाओं के छोटे-छोटे जिम्मेदार कदम समाज में विश्वास और सद्भाव को बढ़ावा दे सकते हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी शनिवार को सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस के उपलक्ष्य में एचएसवीपी शिवालिक कंट्री क्लब, एमडीसी, सेक्टर-1, पंचकूला में आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। इससे पहले उन्होंने हरी झंडी दिखाकर दौड़ को रवाना किया। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन पर पुष्प वर्षा की और स्वयं भी ‘रन फॉर यूनिटी’ में भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देशभक्ति के उत्साह और भारत की एकता के प्रति सामूहिक संकल्प के साथ आयोजित इस दौड़ का संदेश पूरे देश में जाएगा कि हम सब एक हैं और भारत की एकता एवं अखंडता को सदैव अक्षुण्ण रखेंगे।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आजादी के समय भारत के सामने अनेक चुनौतियां थीं। देश विभाजन की पीड़ा से गुजर रहा था और सैकड़ों रियासतों को एक राष्ट्र के सूत्र में पिरोने का कठिन दायित्व सामने था। स्वतंत्र भारत के प्रथम उपप्रधानमंत्री एवं गृह मंत्री के रूप में सरदार पटेल ने अपनी दूरदृष्टि, संवाद कौशल और दृढ़ इच्छाशक्ति से 560 से अधिक रियासतों के एकीकरण में निर्णायक भूमिका निभाई। उन्होंने आधुनिक भारत की एकता और अखंडता की मजबूत नींव रखी। उनका जीवन हमें सिखाता है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, नीयत साफ हो और राष्ट्रहित सर्वोपरि हो, तो असंभव दिखने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जनसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की विरासत को अपने आचरण में उतारने का आह्वान करते हुए कहा कि हमारी भाषाएं, पहनावे और परंपराएं अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन हमारा संविधान, हमारा तिरंगा और हमारी राष्ट्रीय पहचान हमें एक सूत्र में बांधते हैं। प्रत्येक भाषा और संस्कृति का सम्मान करके तथा एक-दूसरे के सुख-दुःख में सहभागी बनकर हम राष्ट्रीय एकता को अपने दैनिक जीवन में और मजबूत कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल के आदर्शों से प्रेरित ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाया है। विभिन्न राज्यों की भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं के बीच संवाद एवं आत्मीयता बढ़ाने का यह प्रयास देशवासियों को एक-दूसरे के और निकट लाता है। गुजरात में स्थापित सरदार वल्लभभाई पटेल की 182 मीटर ऊंची ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ उनके विराट योगदान का स्मारक है। यह हमें याद दिलाती है कि एकजुट राष्ट्र अपने परिश्रम और संकल्प से कितनी ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के लिए राष्ट्रसेवा गौरवशाली परंपरा रही है। हमारे जवान सीमाओं पर देश की रक्षा करते हैं, किसान खेतों में परिश्रम करते हैं और खिलाड़ी विश्व के खेल मैदानों में तिरंगे का मान बढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि कल, एक नवंबर को हरियाणा अपने गठन के 60 वर्ष पूरे करेगा। इस अवसर की पूर्व संध्या पर हम सभी संकल्प लें कि प्रदेश की प्रगति के साथ-साथ देश की एकता को भी और मजबूत करेंगे।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतिभागियों एवं उपस्थितजनों को राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने के लिए राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ भी दिलाई।
‘रन फॉर यूनिटी’ में प्रतिभागियों ने पूरे उत्साह और जोश के साथ भाग लिया। देशभक्ति के गीतों और ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच युवाओं एवं बच्चों ने देश की एकता, अखंडता और सुरक्षा बनाए रखने का संदेश देते हुए दौड़ लगाई। यह दौड़ एचएसवीपी शिवालिक कंट्री क्लब, एमडीसी, सेक्टर-1, पंचकूला से शुरू होकर माता मनसा देवी मंदिर परिसर में संपन्न हुई।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद श्रीमती रेखा शर्मा, कालका की विधायक श्रीमती शक्ति रानी शर्मा, उपायुक्त श्री सतपाल शर्मा, पुलिस आयुक्त श्री पंकज नैन, अतिरिक्त उपायुक्त श्री विवेक आर्य, पुलिस उपायुक्त सुश्री अदिति सिंह, भाजपा जिला अध्यक्ष श्री अजय मित्तल, हरियाणा विमुक्त घुमंतु जाति विकास बोर्ड के चेयरमैन श्री जसमेर बंजारा, एसडीएम पंचकूला सुश्री मन्नत राणा, एसडीएम कालका श्री संयम गर्ग सहित भारी संख्या में प्रतिभागी उपस्थित रहे।

