विज्ञान, कंप्यूटर और रोबोटिक्स लैब छात्रों के लिए खोलेंगी नवाचार के नए द्वार - CMविज्ञान, कंप्यूटर और रोबोटिक्स लैब छात्रों के लिए खोलेंगी नवाचार के नए द्वार - CM

चण्डीगढ, 9 अगस्त। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्तमान समय की मांग अनुसार विज्ञान, कम्प्यूटर और रोबोटिक्स की आधुनिक प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों के लिए प्रयोग, अनुसंधान और नवाचार के नए द्वार खोलेंगी। इसके साथ ही तकनीक से युक्त कक्षाएं सीखने की प्रक्रिया को युवाओं के लिए रुचिकर बनाएंगी।

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को हिसार में ओ.पी. जिंदल मॉडर्न स्कूल में नई शिक्षा सुविधाओं के उद्घाटन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने स्कूल परिसर में ‘उत्कर्ष’ प्रशासनिक ब्लॉक, ‘उदय’ एसईएन विंग, ‘उद्गम’ स्विमिंग पूल तथा ‘उत्सव’ ऑडिटोरियम का उद्घाटन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समारोह पूर्व मंत्री, महान उद्योगपति, समाजसेवी और राष्ट्र निर्माता स्वर्गीय श्री ओ.पी. जिंदल की 96वीं जयंती के कार्यक्रमों की श्रृंखला की कड़ी में आयोजित किया जा रहा है। उस महान विभूति को श्रद्धापूर्वक नमन एवं वंदन करता हूं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस स्कूल में उपलब्ध आधुनिक सुविधाएं नई पीढ़ी को वर्तमान युग की जरूरतों के अनुसार तैयार करने में उपयोगी साबित होंगी। इस नई शुरुआत के लिए विद्यालय की प्रबंधन समिति और शिक्षक बधाई के पात्र हैं। वर्ष 1997 में शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले स्कूल का नाम ही ओ.पी. जिंदल मॉडर्न वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रखा गया है। इसमें मॉडर्न ढंग, तकनीक और मॉडर्न सोच के साथ, मॉडर्न नागरिक तैयार किये जाते हैं। इसलिए श्री ओपी जिंदल के सपनों को आगे बढ़ाने का संकल्प लें, यही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विद्यालय में स्थापित इनोवेशन हब विशेष रूप से सराहनीय पहल है। प्रत्येक बच्चे के भीतर कोई अनोखी क्षमता, कल्पना और विचार छिपा होता है। उसे ऐसे वातावरण की आवश्यकता होती है, जहां वह अपने विचार व्यक्त कर सके, उन्हें मॉडल और प्रोजेक्ट में बदल सके तथा साथियों और शिक्षकों के साथ समस्याओं का समाधान खोज सके। यह केंद्र विद्यार्थियों की सोच, टीमवर्क, नेतृत्व और समस्या के समाधान जैसी योग्यताओं को सशक्त करेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे शिक्षण संस्थान नई पीढ़ी को 21वीं शताब्दी की जरूरतों के अनुसार तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही, नई शिक्षा नीति को व्यावहारिक रूप से लागू करने व विकसित भारत-विकसित हरियाणा के निर्माण में भी इनका बड़ा योगदान होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सोच अनुसार नई शिक्षा नीति में युवाओं को ऐसी शिक्षा मिलेगी, जो उन्हें चरित्रवान, रोजगारपरक और कौशल युक्त बनाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नए भारत के निर्माण के मूल मंत्र अनुसार सरकार कार्य कर ही है। उनके इसी विज़न को साकार करने के लिए युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और कौशल विकास के लिए अनेक प्रयास किए हैं। यह प्रयास पूरे प्रदेश में ज़मीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां इनोवेशन हब खोले हैं वहीं से नया स्टार्ट अप भी जन्म लें और युवा पीढी का बेहतर भविष्य विकसित हो। सरकार का प्रयास है कि विद्यार्थी रोजगार लेने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें।

हरियाणा में एआई मिशन की स्थापना नई पहल

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में युवा आगे बढे। अब तक 10 हजार से अधिक युवाओं ने स्टार्टअप अपनाकर लाभ उठाया है। सरकार ने हरियाणा एआई मिशन की स्थापना कर एक और नई पहल की है। इस एआई मिशन के माध्यम से गुरुग्राम और पंचकूला में एआई हब स्थापित किए जाएंगे। सरकार प्रदेश में विश्वस्तरीय शिक्षा देने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। इसके लिए कुछ ठोस निर्णय लिए हैं।   

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा दिया गया है, स्मार्ट क्लासरूम, टैबलेट वितरण और ई-लर्निंग को प्रोत्साहन दिया है। हर ब्लॉक में उत्कृष्ट मॉडल स्कूलों की स्थापना, बच्चों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कोडिंग और डिजिटल कौशल की शिक्षा, कौशल विकास कार्यक्रमों को विद्यालय स्तर से जोड़ना और उच्च शिक्षा में अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। राज्य के सभी जिलों में अटल टिंकरिंग लैब्स स्थापित की हैं। 55 हजार से अधिक स्कूलों को वाई-फाई से जोड़ा गया है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रदेश में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 10वीं से 12वीं के विद्यार्थियों को 5 लाख टैबलेट, लगभग 40 हजार कक्षाओं में डिजिटल बोर्ड तथा 1 हजार 201 आई.सी.टी. लैब स्थापित की हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में प्रदेश में 13 राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय थे, जो अब बढ़कर 218 हो गए हैं। सरकार ने पिछले साढे 11 वर्षों में प्रदेश में 1 हजार 420 प्राथमिक राजकीय मॉडल संस्कृति विद्यालय खोले हैं।

मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खोलने पर बल

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर 10 किलोमीटर के दायरे में एक मॉडल संस्कृति विद्यालय खोलने की घोषणा के अनुपालन में अब तक 25 राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय खोले जा चुके हैं। सरकार द्वारा हरियाणा के लिए कुल 250 पी.एम. श्री विद्यालय शुरू किए जा चुके हैं। उच्चतर शिक्षा की आत्मा अनुसंधान एवं शोध कार्य में बसती है। इसलिए चालू वित्त वर्ष में 20 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है।

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा के सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी केवल प्रदेश ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का परिचय दे रहे हैं। सुपर-100 कार्यक्रम ने सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले सैकड़ों विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित संस्थान आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी और अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश दिलवाया है। इसकी सफलता को देखते हुए इस वर्ष सुपर 100 की सीटें 400 से बढ़ाकर 500 कर दी गई है। इसके अलावा बुनियाद कार्यक्रम का भी विस्तार किया है, ताकि ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।

कॉमनवेल्थ खेलों में 7 में से 5 प्रदेश की लड़कियों ने जीते गोल्ड मैडल 

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई खेल नीति की बदौलत कॉमनवेल्थ खेलों में देश को 39 मैडल में 13 गोल्ड मिलें हैं जिनमें से 7 मैडल हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते हैं। इनमें से प्रदेश की 5 बेटियों ने गोल्ड जीतने का काम किया है। उन्होंने कहा कि सरकार हर क्षेत्र में गति से कार्य कर रही है। आयुष्मान चिरायु योजना के तहत हर जिला स्तर के अस्पताल में आधुनिक स्तर की स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ करवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने के लिए हर जिले में मेडिकल कॉलेज खोले जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हर व्यक्ति को छत मुहैया करवाने के लिए सरकार ने 12 साल में एक लाख 60 हजार मकान बनाकर दिए गए हैं। शहरी क्षेत्रों में 5500 लोगों को 30 वर्ग गज के प्लाट सुलभ करवाए गए है। इन प्लाटों को प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर पक्के मकान बनाए जा रहे हैं।

इस अवसर पर लोक निर्माण एवं जनस्वास्थ्य अभियान्त्रिकी मंत्री श्री रणबीर गंगवा, जिंदल ग्रुप की चेयर पर्सन एवं विधायक श्रीमती सावित्री जिंदल व विधायक श्री रणधीर पनिहार, श्री विनोद भ्याणा, ओ.पी. जिंदल चेरिटेबल ट्रस्ट के पदाधिकारीगण, प्रधानाचार्य सुश्री नंदिता साहू, शिक्षकगण, अभिभावक गण और विद्यार्थी मौजूद रहे।

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