चंडीगढ़, 30 जुलाई। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा देश में स्पोर्ट्स का पावर हाउस बन गया है। हमारे प्रदेश की आबादी केवल देश की कुल आबादी की 2 प्रतिशत है लेकिन जब भी ओलंपिक, पैरालंपिक, एशियाई खेल या राष्ट्रमंडल खेलों की बात होती है तो हरियाणा के सबसे अधिक खिलाड़ी मेडल जीतकर देश और प्रदेश का नाम ऊंचा करते हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी गुरुवार को नई दिल्ली के भारतमंडपम में आयोजित स्पोर्ट्स फिटनेस और इन्फ्रास्ट्रक्चर एक्सपो में संबोधित कर रहे थे। इस दौरान केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
कार्यक्रम के दौरान संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि यह आयोजन केवल एक प्रदर्शनी नहीं बल्कि संकल्पों और सपनों का मेला है, जहां युवा शक्ति का सामर्थ्य साकार होता दिख रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश में खेलों को एक नई दिशा और एक नई पहचान दी है। फिट इंडिया, खेलो इंडिया आज के खेल केवल प्रतियोगिता का नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण का एक अभियान बन चुका है। फिटनेस केवल व्यक्तिगत आदत नहीं बल्कि आज विकसित भारत की आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि मुझे गर्व है कि इस कार्यक्रम में हरियाणा के पदकों की कहानी नहीं दिखेगी बल्कि हरियाणा का खेल मॉडल भी आप लोगों को दिखाई देगा।
पदकों में आगे हरियाणा
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा में खेलों की संस्कृति दिखाई देती है और उनका विजन भी दिखाई देता है, जिसने इस छोटी सी धरती को भारत की सबसे बड़ी खेल शक्ति बना दिया है। देश की आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी 2% है लेकिन जब पदकों की हिसाब होता है तो हरियाणा सबसे आगे खड़ा दिखाई देता है। खिलाड़ियों में यह जज्बा हमारी मिट्टी से आता है। यहां बच्चा गोद में खेलना नहीं बल्कि खेल के मैदान में लड़ना सीखता है। संघर्ष उसकी घुट्टी होती है, जो उसे गांव की गलियों से विश्व के मंच तक ले जाने का काम करती है।
पदक विजेताओं को 6 करोड़ तक का नकद पुरस्कार
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार ओलंपिक, एशियाई व राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों को ₹6 करोड़ तक नकद पुरस्कार दे रही है। पिछले 12 वर्षों में 17,182 खिलाड़ियों को ₹730 करोड़ सीधे उनके खातों में हस्तांतरित किए गए हैं। 8 से 14 वर्ष के खिलाड़ियों को ₹1,500 मासिक और 15 से 19 वर्ष तक के खिलाड़ियों को को ₹2,000 मासिक छात्रवृत्ति देने का प्रावधान किया गया है। हरियाणा सरकार ने 260 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को ग्रुप ए, बी व सी श्रेणी में सीधी सरकारी नौकरी दी है। खेल इंफ्रास्ट्रक्चर पर बीते 12 वर्षों में लगभग ₹1,100 करोड़ व्यय किए हैं। प्रदेशभर में करीब 2,000 खेल नर्सरियां और 25 खेल अकादमियां संचालित, जहां प्रतिदिन ₹500 प्रति खिलाड़ी डाइट भत्ता दिया जा रहा है। पंचकूला में ₹10 करोड़ की लागत से उत्तर भारत के पहले अत्याधुनिक वैज्ञानिक प्रशिक्षण एवं पुनर्वास केंद्र की स्थापना की गई है।
नशे के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वह स्वयं हर महीने युवाओं के साथ मैराथन में दौड़ते हैं। हाल ही में यमुनानगर में आयोजित मैराथन में करीब एक लाख युवाओं ने उनके साथ भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में युवाओं को नशे से बचाने की दिशा में सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है और युवाओं में नशा फैलाने के प्रयास करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा।
जींद रैली से प्रधानमंत्री ने दिया लक्ष्य
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब देश का युवा स्वस्थ होगा, फिट होगा और आत्मविश्वास से भरा होगा। उन्होंने कहा कि जींद रैली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा को आगामी राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक खेलों के लिए नई पीढ़ि को तैयार करने का लक्ष्य दिया है। यह हरियाणा के सामर्थ्य और प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के अटूट विश्वास की अभिव्यक्ति है।
मुख्यमंत्री ने शायरी कर बढ़ाया खिलाड़ियों का हौसला
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि “हार से मत घबराना और जीत से मत इतराना। हर दिन खुद को कल से बेहतर बनाना। मेडल तो मेहनत का एक छोटा सा सम्मान है, असली खिलाड़ी वही है जिसका लक्ष्य हिंदुस्तान है।”
इस मौके पर दिल्ली के गृह, शिक्षा और खेल मंत्री आशीष सूद, बिहार की खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह, हरियाणा के खेल मंत्री गौरव गौतम, सूचना, जनसंपर्क और भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के. मकरंद पांडुरंग व अन्य वरिष्ठ अतिथिगण मौजूद रहे।

