पंजाब में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर राजनीतिक दलों संग मुख्य निर्वाचन अधिकारी की बैठकपंजाब में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर राजनीतिक दलों संग मुख्य निर्वाचन अधिकारी की बैठक

चंडीगढ़, 15 मई। पंजाब राज्य में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा करवाई जा रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एस.आई.आर.) के संबंध में आज मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब अनिंदिता मित्रा ने पंजाब राज्य की पंजीकृत और मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक के दौरान उन्होंने पंजीकृत और मान्यता प्राप्त राजनीतिक पार्टियों के प्रतिनिधियों से अपील की कि वे एस.आई.आर. संबंधी बूथ लेवल एजेंट (बी.एल.ए.) की नियुक्तियां जल्द से जल्द कर दें ताकि इन बी.एल.ए. को बी.एल.ओ. के साथ समय रहते प्रशिक्षण दिया जा सके। उन्होंने कहा कि बी.एल.ए. की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है और एस.आई.आर. के प्रत्येक चरण में बी.एल.ओज़. द्वारा बी.एल.एज़. के साथ जानकारी साझा की जाएगी ताकि पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने राजनीतिक पार्टियों से कहा कि बी.एल.ए.-1 की नियुक्ति संबंधी प्रक्रिया भी जल्द पूरी कर ली जाए।

श्रीमती मित्रा ने कहा कि एस.आई.आर. की पूरी प्रक्रिया के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय पंजाब राजनीतिक पार्टियों के साथ लगातार संपर्क में रहेगा। इस अवसर पर उन्होंने वोटर संबंधी अधिकारियों के बारे में भी राजनीतिक पार्टियों को जानकारी दी।

इस अवसर पर उन्होंने बताया कि स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एस.आई.आर.) के तहत पंजाब राज्य में 25 जून 2026 से 24 जुलाई 2026 तक बी.एल.ओ. घर-घर जाकर मतदाताओं के फॉर्म भरवाएंगे। इस कार्य के लिए 24,453 बी.एल.ओज़., 2,476 सुपरवाइजर, 117 ई.आर.ओज़. और 234 ए.ई.आर.ओज़. सहित पूरा चुनाव अमला लगाया गया है। उन्होंने बताया कि एस.आई.आर. संबंधी बी.एल. ओज़. को प्रशिक्षण देने और अन्य तैयारियों का कार्य 15 जून 2026 से 24 जून 2026 तक किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य प्रत्येक योग्य नागरिक को मतदाता सूची में शामिल करना और अयोग्य व्यक्तियों को सूची से बाहर करना है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि दोहरी वोट रखना भारतीय संविधान के अनुसार अपराध है, जिसके लिए एक वर्ष तक की कैद की सजा हो सकती है। श्रीमती मित्रा ने बताया कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में 89.58 प्रतिशत मैपिंग हो चुकी है, जबकि शहरी क्षेत्रों में 73 प्रतिशत मैपिंग का कार्य पूरा हो चुका है।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा बताया गया कि वर्ष 2003 में भी पंजाब राज्य में एस.आई.आर. हुई थी। उसी एस.आई.आर. को आधार बनाकर वर्तमान एस.आई.आर. की जा रही है।

बैठक के दौरान राजनीतिक पार्टियों द्वारा एस.आई.आर. संबंधी कुछ शंकाएं व्यक्त की गईं, जिन्हें मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा दूर किया गया और राजनीतिक पार्टियों को आश्वासन दिया गया कि एस.आई.आर. की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी ढंग से ही पूरी की जाएगी।

बैठक के दौरान मान्यता प्राप्त पार्टियों में से आम आदमी पार्टी से फैरी सोफत, बहुजन समाज पार्टी से डॉ. अवतार सिंह करीमपुरी, भारतीय जनता पार्टी से एन.के. वर्मा, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) से आर.एल. मोदगिल और रणजीत सिंह, इंडियन नेशनल कांग्रेस से डॉ. अमर सिंह और कैप्टन संदीप संधू, शिरोमणि अकाली दल से डॉ. दलजीत सिंह चीमा और एडवोकेट अरशदीप सिंह क्लेर उपस्थित थे।

इसी प्रकार, पंजीकृत और गैर-मान्यता प्राप्त पार्टियों में से जय जवान जय किसान पार्टी के मेजर आर.पी.एस. मल्होत्रा, नेशनलिस्ट जस्टिस पार्टी से पी. कुमार, सच्चो सच पार्टी से सुच्चा लाल, साडा पंजाब सांझा पंजाब पार्टी से सुखदेव सिंह, सामाजिक संघर्ष पार्टी से जसविंदर सिंह तथा शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) (सिमरनजीत सिंह मान) से कुशलपाल सिंह मान उपस्थित थे।

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