चंडीगढ़, 15 मई। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए पीएसपीसीएल कार्यालय, लुधियाना में तैनात दो एस.डी.ओज़. और एक क्लर्क को 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू किया है। काबू किए गए आरोपियों की पहचान एस.डी.ओ. जसकनवरप्रीत सिंह, एस.डी.ओ. श्रुति शर्मा और क्लर्क आशू के रूप में हुई है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए विजिलेंस ब्यूरो के एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह कार्रवाई प्रिंस निझावन द्वारा दर्ज करवाई गई शिकायत के आधार पर की गई।
प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता सोलर सिस्टम लगाने का कार्य करता है और उसने विभिन्न स्थानों पर दो सोलर सिस्टम लगाए हुए थे। इन सिस्टमों का निरीक्षण कर मीटर लगाने से पहले पीएसपीसीएल द्वारा अनुमान एवं निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जानी थी।
प्रवक्ता के अनुसार, आरोपी एस.डी.ओ. जसकनवरप्रीत सिंह, एस.डी.ओ. श्रुति शर्मा और क्लर्क आशू ने निरीक्षण और अनुमान रिपोर्ट तैयार करने के बदले प्रत्येक फाइल के लिए 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। इस प्रकार दो फाइलों के लिए कुल 20,000 रुपये रिश्वत की मांग की गई।
शिकायतकर्ता रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की आर्थिक अपराध शाखा, लुधियाना से संपर्क किया। शिकायत की प्रारंभिक जांच के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया और दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपियों को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।
इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक कानून के तहत पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की आर्थिक अपराध शाखा, लुधियाना में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की आगे की जांच जारी है और अन्य तथ्यों की भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने रिश्वत लेते तीन पीएसपीसीएल कर्मियों को दबोचा 