मुख्यमंत्री ने छोटी सरकारों को दी कई "नायाब सौगातें"मुख्यमंत्री ने छोटी सरकारों को दी कई "नायाब सौगातें"

चंडीगढ़, 12 जुलाई। हरियाणा के मुख्यमंत्रीनायब सिंह ने आज पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय पंचायत-सम्मलेन में पंचायतीराजसंस्थाओं को एक साथ कई “नायाब सौगातें” देकर खूब वाहवाही बटोरी।

उन्होंनेजहां 2400 करोड़ रूपये के विकास कार्यों की घोषणा की वहीँ प्रदेश की  1861 ग्राम पंचायतों को एससी/बीसी चौपालों की मरम्मतया अधूरी पड़ी चौपालों को पूरा करने के लिए अनुदान के तौर पर एक क्लिक से 118 करोड़47 लाख करोड़ रूपये ट्रांसफर किए। मुख्यमंत्री ने पंचायतीराज प्रतिनिधियों की पेंशनमें बढ़ोतरी करने की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री नायब सिंह ने सरपंचोंको सम्बोधित करते हुए कहा कि सभी सरपंच अपने -अपने गांव के विकास के लिए कार्य करवानेहेतु रोड-मैप बनाएं , धन की कतई कमी नहीं रहने दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि वेपंचायत में प्रस्ताव पास करके अपने क्षेत्र के विधायकों को भेज दें , बिना रोक-टोककाम करवाया जाएगा।

मुख्यमंत्री नायब सिंह ने कहाकि हमारी सरकार पहली सरकार है जिसने पंचायतीराज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के मानदेयमें न केवल बढ़ोतरी की है बल्कि  प्रतिनिधियोंको पेंशन देना हमने ही शुरू किया है।

मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि जिलापरिषद अध्यक्ष को दी जाने वाली पेंशन को दो हजार से बढाकर तीन हजार कर दिया है। इसप्रकार , उपाध्यक्ष की पेंशन को एक हजार से बहदाकार 1500 रूपये , पंचायत समिति अध्यक्षकी पेंशन को 1500 रूपये से बढ़ाकर 2250 रूपये , उपाध्यक्ष की पेंशन को 750 रूपये सेबढ़ाकर 1125  रूपये तथा सरपंच की पेंशन एक हजाररूपये बढ़ाकर 1500 रूपये कर दी है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर यह भी कहा कि सरपंचोंकी जो भी उचित मांगें और भी होंगी तो उन पर भी विचार किया जाएगा।

उन्होंने प्रदेश के गांवों के विकासमें सरपंचों की अहम भूमिका बताते हुए कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्रमोदी ने भी कहा कि – ” पंचायतें भारतीय लोकतंत्र का आधार -स्तम्भ हैं जिनकी मजबूतीमें ही नए भारत की समृद्धि निहित है।”

उन्होंने कहा कि 10 वर्ष पहले कीसरकारें अगर किसी गांवों के विकास के लिए एक बार 5 लाख रुपये की घोषणा कर देती थी तोउसका 6 महीने तक केवल ढिंढोरा पीटती थी जबकि काम होते ही नहीं थे। लेकिन वर्तमान सरकारने तो 5-5 लाख रूपये अनगिनत बार गांव को दिए हैं जिससे गांवों की तस्वीर ही बदल गईहै।

मुख्यमंत्री ने पूर्व की सरकारोंके साथ वर्तमान सरकार की तुलना करते हुए बताया कि वर्ष 2014 से पहले पंचायतों के लिएराज्य वित्त आयोग का अनुदान 600 करोड़ रूपये था , जबकि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीने यह अनुदान बढाकर 2968 करोड़ रूपये कर दिया है। उन्होंने आगे बताया कि वर्तमान सरकारने इस वित्त वर्ष के बजट में ग्रामीण क्षेत्र के विकास हेतु 7276.77 करोड़ रूपये आवंटितकिए हैं  जबकि पहले की सरकार ने वर्ष 2013- 14 के दौरान 1898.48 करोड़ रूपये की राशि आवंटित की थी।

उन्होंने आज 2400 करोड़ रूपये केविकास कार्यों की घोषणा करते हुए बताया कि इनमे से 900-900 करोड़ रूपये गांव व शहरीक्षेत्र के लिए दिए जाएंगे। साथ ही पिछड़ा वर्ग और अनुसूचित जाती वर्ग की चौपालों कीमरम्मत तथा अधूरी पड़ी चौपालों को पूरा करने के लिए 118.47 करोड़ रूपये दिए गए हैं।

नायब सिंह ने सरपंचों को प्रधानमंत्रीके 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में साथ देने का आह्वान करते हुए कहाकि गांव का विकास होगा तभी देश का विकास होगा। प्रधानमंत्री की सोच को पूरा करने केलिए ही राज्य सरकार ने सरपंचों को पंचायत के माध्यम से बिना टेंडर के काम करवाने कीलिमिट को 5 लाख से बढ़ाकर 21 लाख कर दिया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलती तकनीकको देखते हुए राज्य सरकार ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक कंप्यूटर ऑपरेटर देने कानिर्णय लिया है ताकि सरपंचों को अपने हिसाब -किताब में आसानी हो सके।

उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार पहलीऐसी सरकार है जिसने राज्य स्तरीय कार्यक्रमों एवं समारोहों के अवसर पर अपने क्षेत्राधिकारमें जिला परिषद के अध्यक्ष , पंचायत समिति के अध्यक्ष और ग्राम पंचायतों के सरपंचोंके प्रोटोकॉल का भी प्रावधान किया है।  अब जिलापरिषद का चेयरमैन डीसी और एसपी के साथ कुर्सी पर बैठेंगे। ब्लॉक समिति के चेयरमैन कोएडीसी व सीजेएम के साथ और सरपंचों को भी सम्मान देने के लिए प्रोटोकॉल लिस्ट में पहलीबार शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि हरियाणा देश का पहला राज्य है जिसने शासनमें पंचायती राज संस्थाओं की अधिक भागीदारी देने के लिए अंतर -जिला परिषद का गठन कियाहै। 

इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री कंवर पाल, विकास एवं पंचायत राज्यमंत्री महिपाल ढांडा ने भी सरपंचों को सम्बोधित किया। सम्मेलन में ऊर्जा मंत्रीरणजीत सिंह, वित्त मंत्री जयप्रकाश दलाल, शिक्षा राज्य मंत्री सीमात्रिखा, नगर निकाय राज्य मंत्री सुभाष सुधा के अलावा कई विधायक तथा अधिकारी उपस्थितथे।

इससे पूर्व, मुख्यमंत्री के अतिरिक्तप्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह एवं अन्य अतिथियों का स्वागतकरते हुए विकास एवं पंचायत विभाग की उपलब्धियों की विस्तार से चर्चा की।