देहरादून, 18 अगस्त। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने जनपदों की विभिन्न समस्याओं के त्वरित निस्तारण तथा शासन एवं जनपद स्तर के अधिकारियों के मध्य बेहतर समन्वय के लिए प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को समन्वय बैठक आयोजित किए जाने के निर्देश दिए हैं।
इस समन्वय बैठक में जिलाधिकारी अपने-अपने जनपदों से सम्बन्धित ऐसी समस्याओं एवं प्रकरणों को संबंधित विभागों के समक्ष रख सकेंगे, जिनके निस्तारण के लिए शासन स्तर पर विभागीय समन्वय अथवा निर्णय की आवश्यकता है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जनपदों द्वारा चिन्हित समस्याओं एवं प्रकरणों को संबंधित विभागों को बैठक से पूर्व उपलब्ध कराया जाए, ताकि संबंधित विभाग आवश्यक जानकारी एवं कार्यवाही के साथ बैठक में उपस्थित रहें। प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को आयोजित होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समन्वय बैठक में इन प्रकरणों पर सम्बन्धित जनपद एवं विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा करते हुए यथासंभव मौके पर ही निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने कहा कि इस व्यवस्था का उद्देश्य जनपद स्तर पर आने वाली समस्याओं के समाधान में अनावश्यक विलंब को दूर करना तथा शासन और जिलों के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित करना है। उन्होंने सभी सचिवको निर्देश दिए कि जनपदों से प्राप्त प्रकरणों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आमजन से जुड़े विषयों का शीघ्र समाधान हो सके।
इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री एल. फ़ैनई, विशेष प्रमुख सचिव श्री अमित सिन्हा, सचिव श्री शैलेश बगौली, श्री नितेश कुमार झा, श्री दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, श्री चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, श्री विनोद कुमार सुमन, सुश्री ज्योति यादव, श्री रणवीर सिंह चौहान, श्री धीराज सिंह गर्ब्याल एवं श्री राजेंद्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
हर माह पहले मंगलवार को होगी समन्वय बैठक, CS ने दिए निर्देश 