चंडीगढ़, 6 अक्टूबर। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन ने मंगलवार को मुलाकात कर हरियाणा और सिंगापुर के बीच सहयोग के विभिन्न आयामों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। बैठक में शिक्षा, कौशल विकास, जल प्रबंधन, शहरी विकास, तकनीकी नवाचार तथा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सिंगापुर सरकार द्वारा प्रदान की गई गर्मजोशी भरी मेजबानी के लिए डॉ. विवियन बालाकृष्णन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सिंगापुर ने आधुनिक शहरी विकास, जल प्रबंधन और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में उल्लेखनीय अनुभव अर्जित किया है और इन अनुभवों से हरियाणा को भी काफी लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हरियाणा तेजी से बदलती अर्थव्यवस्था और नई तकनीकों के अनुरूप अपने विकास मॉडल को आगे बढ़ा रहा है। ऐसे में सिंगापुर के साथ सहयोग से राज्य में वॉटर ट्रीटमेंट, जल संरक्षण, शहरी नियोजन और आधुनिक तकनीकी समाधानों को और अधिक प्रभावी ढंग से अपनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच मजबूत साझेदारी हरियाणा की विकास यात्रा को नई दिशा और गति प्रदान करेगी।
सिंगापुर के विदेश मंत्री डॉ. विवियन बालाकृष्णन ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी का औपचारिक स्वागत करते हुए कहा कि सिंगापुर भारत और हरियाणा के साथ अपने सहयोग को निरंतर मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से हरियाणा के युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने तथा उन्हें वैश्विक स्तर पर रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में सहयोग का आश्वासन दिया।
बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने कौशल विकास और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने, युवाओं के लिए आधुनिक प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसर विकसित करने तथा जल प्रबंधन और शहरी विकास में नई तकनीकों के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने पर सहमति व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के युवाओं की प्रतिभा और सिंगापुर की तकनीकी विशेषज्ञता का समन्वय राज्य के विकास के लिए नए अवसर पैदा कर सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करने के साथ-साथ राज्य में आधुनिक और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना है। श्री नायब सिंह सैनी ने विश्वास व्यक्त किया कि हरियाणा और सिंगापुर के बीच बढ़ता सहयोग शिक्षा, कौशल, जल प्रबंधन, शहरी विकास और तकनीकी नवाचार के क्षेत्रों में नई संभावनाओं के द्वार खोलेगा तथा प्रदेश को आधुनिक विकास के नए आयाम प्रदान करेगा।

