चंडीगढ़, 5 जनवरी। हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आगामी आम बजट में राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जीआईएस मैपिंग के आधार पर यह सुनिश्चित किया जाए कि प्रदेश का कोई भी क्षेत्र स्वास्थ्य संस्थानों से वंचित न रहे और सभी नागरिकों को समान रूप से गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों।
स्वास्थ्य मंत्री आज चंडीगढ़ में आयुष एवं मेडिकल एजुकेशन विभाग से संबंधित बजट तैयारियों की समीक्षा हेतु आयोजित अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता कर रही थीं। बैठक में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, आवश्यकताओं तथा भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, आयुष विभाग के महानिदेशक श्री संजीव वर्मा, नेशनल हेल्थ मिशन हरियाणा के मिशन निदेशक श्री रिप्पुदमन सिंह ढिल्लो, मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च विभाग के निदेशक श्री यशेंद्र सिंह, स्वास्थ्य सेवाओं के महानिदेशक डॉ. मनीष बंसल, डॉ. कुलदीप सिंह, डॉ. वीरेंद्र यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने नूंह जिले के गांव टाईं में स्थित उप-स्वास्थ्य केंद्र को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में अपग्रेड करने की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही इस स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक स्टाफ की नियुक्ति के लिए लगभग 36 लाख रुपये के व्यय को भी मंजूरी दी गई है, जिससे क्षेत्र के लोगों को बेहतर और समय पर चिकित्सा सेवाएं मिल सकेंगी।
इसी प्रकार, महेंद्रगढ़ जिले के गांव खातोदड़ा में भी एक नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को प्राथमिक स्तर की स्वास्थ्य सुविधाएं अपने नजदीक उपलब्ध होंगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में जहां-जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की आवश्यकता है, वहां नई स्वास्थ्य सेवाएं शुरू करने के लिए बजट में अग्रिम प्रावधान सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि दूरदराज और पिछड़े क्षेत्रों में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने दोहराया कि हरियाणा सरकार आमजन के स्वास्थ्य के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य में सुलभ, सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।

