चंडीगढ़, 5 अक्टूबर। एक बड़े फैसले के तहत भगवंत मान सरकार ने आज 180 ई.टी.टी. टीचर्स यूनियन (जय सिंह वाला केस) की मांगों के समाधान के लिए सहमति जताई। सरकार ने उनके जूनियरों के साथ वेतन में व्याप्त विसंगति को दूर कर वेतन संबंधी चिंताओं का समाधान करने तथा जायज मांगों के निपटारे के लिए चल रही जांच में तेजी लाने पर सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई है।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस समाधान में कोई प्रशासनिक बाधा न आए, चल रही जांच रिपोर्ट बिना किसी देरी के हासिल करने के निर्देश जारी किए गए हैं। शिक्षा विभाग को हिदायत की गई है कि जैसे ही जांच रिपोर्ट सौंपी जाती है, उसके निष्कर्षों के आधार पर तत्काल कार्रवाई अमल में लाई जाए।”
यह फैसला पंजाब सिविल सचिवालय में हुई एक महत्वपूर्ण उच्च-स्तरीय बैठक के दौरान लिया गया। बैठक की अध्यक्षता वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने की, जिसमें शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा, विशेष सचिव (वित्त) शौकत अहमद परे और सचिव (स्कूल शिक्षा) सोनाली गिरी शामिल हुए।
विचार-विमर्श के दौरान 180 ई.टी.टी. शिक्षक यूनियन के प्रतिनिधियों ने अपना मांग-पत्र प्रस्तुत किया, अपनी शिकायतों का विस्तृत विवरण दिया और मंत्रियों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष मामले का रिकॉर्ड रखा। प्रतिनिधिमंडल की बात धैर्यपूर्वक सुनने के बाद सरकार ने उनकी वित्तीय चिंताओं के समाधान के प्रति रचनात्मक रुख अपनाया और उनके जूनियरों के बराबर वेतन सुनिश्चित करने पर सहमति जताई।
बैठक के दौरान कमल ठाकुर, सोहन सिंह, गुरमुख सिंह, गौरव कांत, गुरप्रीत सिद्धू और परशोत्तम कुमार ने 180 ई.टी.टी. टीचर्स यूनियन (जय सिंह वाला) का पक्ष रखा।

