ऑपरेशन शुद्धि बनाएगा प्लास्टिक कचरे से ₹50,000 करोड़ की राष्ट्रीय संपदा - अग्रवालऑपरेशन शुद्धि बनाएगा प्लास्टिक कचरे से ₹50,000 करोड़ की राष्ट्रीय संपदा - अग्रवाल

नई दिल्ली, 11 मार्च। भारत में तेजी से बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण को खत्म करने और उसे आर्थिक अवसर में बदलने के लिए AVRO इंडिया लिमिटेड ने एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय मिशन ऑपरेशन शुद्धि की घोषणा की है। इस मिशन का उद्देश्य प्लास्टिक कचरे को व्यवस्थित रूप से संग्रहित कर उसे पुनर्चक्रण और पुनः उपयोग के माध्यम से राष्ट्रीय संपदा में बदलना है। AVRO इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन सुशील अग्रवाल ने इस मिशन की घोषणा करते हुए कहा कि प्लास्टिक को समस्या के रूप में नहीं बल्कि संसाधन के रूप में देखने की आवश्यकता है। यदि इसे वैज्ञानिक तरीके से संग्रहित और पुनर्चक्रण किया जाए तो प्लास्टिक का 100 प्रतिशत तक उपयोग संभव है।

उन्होंने आगे बताया भारत में हर वर्ष लगभग 1 करोड़ मीट्रिक टन प्लास्टिक कचरा उत्पन्न होता है, जो प्रतिदिन लगभग 26,000 मीट्रिक टन के बराबर है। इसमें बड़ी मात्रा में ऐसे प्लास्टिक शामिल हैं जिन्हें अक्सर रिसाइक्लिंग के लिए नहीं उठाया जाता जैसे दूध के पाउच, सीमेंट के बैग, नमक और चीनी की पैकिंग, पुट्टी और केमिकल पैकेजिंग, साड़ी कवर, प्याज-आलू के जालदार बैग, औद्योगिक पैकिंग शीट्स और ट्रिम्स आदि। आज की स्थिति में इस प्रकार के प्लास्टिक को जला दिया जाता है या मिट्टी में दबा दिया जाता है, जो दोनों ही तरीके पर्यावरण के लिए बेहद खतरनाक हैं। प्लास्टिक जलाने से जहरीली गैसें निकलती हैं जबकि मिट्टी में दबाने पर यह सैकड़ों वर्षों तक नष्ट नहीं होता और मिट्टी तथा जल स्रोतों को प्रदूषित करता है।

ऑपरेशन शुद्धि के तहत पूरे देश में एक संगठित प्लास्टिक संग्रह नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। इसके अंतर्गत विशेष ऑपरेशन शुद्धि डस्टबिन आवासीय सोसाइटियों, स्कूलों और विश्वविद्यालयों, मॉल और बाजारों, होटल और हॉस्टल, मंदिर-मस्जिद-गुरुद्वारा, धर्मशालाओं तथा औद्योगिक क्षेत्रों में निःशुल्क लगाए जाएंगे। इसके बाद ऑपरेशन शुद्धि की टीम इन डस्टबिन से प्लास्टिक संग्रहित कर उसे रीसाइक्लिंग और पुनः उपयोग की वैज्ञानिक प्रक्रिया में भेजेगी।

सुशील अग्रवाल ने कहा वर्तमान में कचरा बीनने वालों को प्लास्टिक के लिए केवल ₹2 से ₹5 प्रति किलो ही मिलते हैं। ऑपरेशन शुद्धि इस स्थिति को बदलने का लक्ष्य रखता है। इस मिशन के अंतर्गत प्लास्टिक के लिए कम से कम ₹20 प्रति किलो का मूल्य देने की योजना है। इसका सीधा लाभ समाज के गरीब और जरूरतमंद वर्ग को मिलेगा। यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन केवल 5 किलो प्लास्टिक भी इकट्ठा करता है तो वह उससे लगभग ₹100 कमा सकता है।
सुशील अग्रवाल के अनुसार ऑपरेशन शुद्धि केवल सफाई अभियान नहीं है बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास का एकीकृत मॉडल है। इस मिशन का लक्ष्य पूरे भारत में 5 लाख से अधिक लोगों को जोड़कर लगभग ₹50,000 करोड़ की प्लास्टिक सर्कुलर अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है। इससे रोजगार, उद्यमिता, सरकारी राजस्व और पर्यावरण संरक्षण क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।

इस अवसर पर AVRO इंडिया लिमिटेड के चेयरमैन सुशील अग्रवाल ने कहा ऑपरेशन शुद्धि केवल एक पर्यावरणीय अभियान नहीं है बल्कि यह भारत में प्लास्टिक को कचरे से संसाधन में बदलने का राष्ट्रीय आंदोलन है। यदि देश संगठित रूप से प्लास्टिक के संग्रह और पुनर्चक्रण की दिशा में काम करे तो हम प्रदूषण को समाप्त करते हुए लाखों लोगों के लिए रोजगार और देश के लिए नई आर्थिक शक्ति पैदा कर सकते हैं। ऑपरेशन शुद्धि के माध्यम से AVRO का लक्ष्य है कि प्लास्टिक का पूरा जीवन चक्र (Plastic Life Cycle) उपयोग में लाया जाए ताकि प्लास्टिक कभी भी प्रदूषण न बने बल्कि देश की आर्थिक और पर्यावरणीय प्रगति का माध्यम बने। इस अवसर पर मुख्य वक्ताओं में स्वामी संतोषानंद जी महाराजा, स्वामी शैलापानंद जी महाराज, श्री नरेश कुमार जी, श्री प्रवीर (निदेशक DSIDC), जुगल किशोर जी (पूर्व DGP उत्तर प्रदेश), अवधेश कुमार (वरिष्ठ पत्रकार), राजेश महजी (विभागीय अध्यक्ष IIT दिल्ली), अजीत विक्रम भंडारी, इत्यादि ने अपनी बात रखी।

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