चंडीगढ़, 2 अप्रैल। पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंद्र भगत ने मंगलवार को वरिष्ठ अधिकारियों को पड़ोसी राज्यों में बागवानी क्षेत्र का अध्ययन करने के निर्देश दिए ताकि पंजाब में बागवानी को और बेहतर तरीके से प्रोत्साहित करने के लिए बेहतर से बेहतर अभ्यास अपनाए जा सकें। वे चंडीगढ़ में बागवानी विभाग द्वारा किसानों की भलाई के लिए चलाई जा रही विभिन्न भलाई योजनाओं का जायजा लेने के लिए की गई समीक्षा मीटिंग की अध्यक्षता कर रहे थे।
मीटिंग के दौरान बागवानी विभाग के सचिव मुहम्मद तैय्यब और निदेशक शैलेंद्र कौर ने मंत्री को विभिन्न योजनाओं के तहत किसानों को दी जा रही सब्सिडियों और प्रोत्साहनों के बारे में जानकारी दी। श्री भगत ने इन पहलों को प्रभावशाली ढंग से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि इनके दायरे को और बढ़ाया जा सके।
मंत्री ने पंचायती जमीनों पर फलदार वृक्ष लगाने पर भी विचार-विमर्श किया। उन्होंने बागवानी को और प्रोत्साहित करने के महत्व पर जोर दिया ताकि हरियाली बढ़े और किसानों की अतिरिक्त आय में वृद्धि हो सके। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे प्रयास केवल किसानों को आर्थिक रूप से लाभ नहीं पहुंचाएंगे, बल्कि पर्यावरण स्थिरता में भी योगदान देंगे। मीटिंग में, अतिरिक्त निदेशक ग्रामीण विकास संदीप सिंह ने इन पहलों के लिए पंचायती जमीनों की उपलब्धता और उपयोग के बारे में विवरण साझा किए। मीटिंग में डिप्टी डायरेक्टर हरमेल सिंह भी मौजूद रहे।
अधिकारियों द्वारा उनके काम के प्रति समर्पण को मान्यता देते हुए श्री भगत ने बागवानी योजनाओं को लागू करने में शानदार काम करने के लिए विभाग के कई कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। इन सम्मानित किए जाने वालों में एच.डी.ओ. बलविंदरजीत कौर, ए.सी.एफ.ए. गुरप्रीत कौर, वरिष्ठ सहायक सुमीत कपूर और राजिंदर कुमार, स्टेनो नवजीत कुमार, क्लर्क हरप्रीत सिंह, रूपिंदरजीत सिंह और अन्य स्टाफ महादेव गुप्ता तथा तुला राम शामिल थे।
इस मौके पर मंत्री ने विकासशील नीतियों और नई पहलों के माध्यम से पंजाब के बागवानी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार की वचनबद्धता को भी दोहराया।